उत्तराखंड की देवकी दीदी, जिंदगी की पाई-पाई कर दी कोरोना के मरीज़ों के नाम

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व्यक्ति अपने कर्मों से बड़ा बनता है ना कि पैसों से… चमोली ज़िले की गौचर की देवकी भंडारी ने कोरोना जैसी महामारी के बीच वो काम कर दिया जिसे लोग चाहकर भी करने का हौसला नही जुटा पाते। देवकी भंडारी ने अपनी जिंदगी भर की जमा पूंजी को प्रधानमंत्री राहत कोष में दान कर दिया। देवकी दीदी ने इस मु्श्किल घड़ी में अपना ना सोचकर समाज हित को ध्यान में रखते हुए देश की मदद करने की बड़ी मिसाल पेश की है। कोरोना की महामारी के बीच देवकी भंडारी ने भारतीय स्टेट बैंक गौचर के माध्यम से 10 लाख रुपये की राशि प्रधानमंत्री राहत कोष में भेज दी। 60 वर्षीय देवकी भंडारी की कोई संतान नहीं है। पति रेशम विभाग में कार्यरत थे लेकिन कुछ समय पहले उनकी भी मृत्यु हो गयी।

देवकी भंडारी (Devki Bhandari) ने ये कदम उठाकर वो मिसाल कायम की है, जो सदियों तक याद रखी जाएगी। दुनिया कोरोना के संकट से जूझ रही है ऐसे वक्त में देवकी दीदी ने उत्तराखंड की माताओं, बहनों और बेटियों ने सबसे बड़ा योगदान देकर सबको चकित कर दिया।

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रभावित होकर मैंने ये निर्णय लिया है। मुझे लगा कि मुश्किल घड़ी में किसी भी तरह काम आ सकूं ये मेरे हुए सुकून देने वाला होगा। – देवकी भंडारी

देवकी हमेशा ये ही दानवीर प्रवृत्ति की रहीं हैं।देवकी दीदी ने पहले भी एक गरीब मेधावी छात्र को पढ़ाने में मदद की थी। देवकी देवी के पिता स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। संघर्षों में जीवन जीने के बाद देवकी दीदी ने पाई-पाई जोड़कर अपने बुढ़ापे के लिए जमा की थी लेकिन उन्होंने बिना झिझके वो सारी जमापूंजी पीएम रिलीफ फंड में दान दे दी।

देवकी देवी के इन प्रयासों की पूरे प्रदेश में चारों तरफ चर्चाएं हो रही है। और हों भी क्यों न, ऐसा कदम उठाने के लिए आपके पास एक भावनात्मक और बड़ा दिल चाहिए। देवकी देवी देश के सभी लोगो के लिए एक प्रेरणास्रोत हैं। ऐसा महान कार्य करके देवकी देवी ने इतिहास रच दिया है। और पहाड़ की नारी का मान भी बढाया है। देवकी देवी के इस साहस को हमारा सलाम…



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