कोरोना इफेक्ट : 56 सालों में पहली बार कैंची धाम में नहीं सजेगा मेला

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कोरोना के चलते बाबा धाम के 56 साल के इतिहास में पहली बार ऐसा होगा जब लॉकडाउन के चलते कैंची धाम में मंदिर के स्थापना दिवस पर मेले का आयोजन ही नहीं होगा। इससे पहले हर साल लगातार 15 जून को कैंची धाम में बाबा के भक्तों के लिए विशाल मेला लगता रहा है। लेकिन इस बार दुनिया जहान के भक्तों को निराशा हाथ लगी है।देश-विदेश से लाखों भक्त नीब करौरी बाबा के दरबार में हर साल जून के महीने में माथा टेकने व आशीर्वाद लेने यहां पहुंचते थे, लेकिन कोरोना महामारी ने इस साल होने वाले मेले के आयोजन में बाधा डाल दी। ज़ाहिर है बाबा का आशीर्वाद ना मिलने से भक्तों में काफी निराशा है।

उधर मंदिर के ट्रस्टियों ने बाबा नीब करौरी के भक्तों से संयम बरतने की अपील की है। और साथ ही ये भी संदेश जारी किया है कि वैश्विक महामारी के इस संकट में भक्तगण अपने अपने घरों में रहकर ही बाबा का स्मरण करें। बाबा नीब करौरी 1962 में खैरना के पास कैंची आए थे और 15 जून 1964 को हनुमान मंदिर की स्थापना की थी। तब से हर साल यहां इस धाम में 15 जून को विशाल मेला लगाया जाता है और भारी तादात में भक्त दर्शन करने आया करते हैं। लेकिन कोरोना इफेक्ट के चलते इस बार मेला नहीं लगने से बाबा के भक्तों में काफी निराशा है।


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