बागेश्वर में पूर्व फौजी ईश्वर सिंह का स्टार्टअप, पीएम के नारे ने बदल दी सोच

58
Share Now

बागेश्वर में पूर्व फौजी ईश्वर सिंह का स्टार्टअप, पीएम के नारे ने बदल दी सोच

बागेश्वर: हमारे पहाड़ और यहां के लोग हमेशा से ही मेहनत, दृढ़ संकल्प और काबिलियत के दम पर अन्य लोगों के लिये एक प्रेरणा रहे हैं। उत्तराखंड राज्य में जन्मी हर पीढ़ी, यहां पले बढ़े लोग एवं हर वर्ग, चाहे पुरूष हों, महिलाएं हों या युवा, हर कोई समय समय पर हम सबके लिये मार्गदर्शक की भूमिका निभाते रहे हैं। पहाड़ों की सबसे बड़ी समस्या रहा पलायन भी कुछ महानुभावों के साहसी कदमों के आगे घुटने टेंकता नज़र आ रहा है। जब कोरोना काल में ज़रूरत थी कि लोग स्वरोजगार के तहत फैसले लें, उत्तराखंड वासियों ने आगे से आगे बढ़ कर हिम्मत दिखाई और देश व हमारी युवा पीढ़ी का मार्गदर्शन किया।

पलायन और कोरोना के बीच देश के प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया आत्मनिर्भर बनने का नारा उत्तराखंड के लोगों के दिल और दिमाग में एक सकारात्मक भविष्य की छाप छोड़ कर गया। स्वरोजगार का महत्व समझ आते ही हमारे प्रदेश के कई लोगों ने इस दिशा में साहसी कदम उठाए। स्टार्टअप की बढ़ती दुनिया में एक शानदार मिसाल कुमाऊं के जिले बागेश्वर में देखने को मिली। यहां एक पूर्व फौजी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकल फॉर वोकल कार्यक्रम से प्रेरित होकर चप्पल बनाने का कारोबार शुरू किया। कारोबार उन्हें तो आत्मनिर्भर बनने का मौका दे ही रहा है, साथ ही साथ गांव के कई युवाओं को भी रोजगार देने का कार्य कर रहा है।

सहूलियत के नज़रिये से भी अब गांव के लोगों का अच्छा फायदा हो रहा है। गांववासियों को अब चप्पलों के लिए मैदान के बाजारों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। यह बात है मंडलसेरा इलाके के गांव जीतनगर की। जीतनगर निवासी ईश्वर सिंह बजेटा पूर्व में एक फौजी रहे हैं। रिटायरमेंट के बाद कोई दूसरी नौकरी ना कर के अपना खुद का कुछ नया काम करने की चाह उन्हें इस तरकीब तक ले कर आई है। चप्पल बनाने का कारोबार एक अच्छा मुनाफा देने के साथ साथ समाज के लिये भी आत्मनिर्भर होने के मौके बना रहा है।

रिस्क एक सबसे बड़ा कारण है कि लोग खुद का काम या स्टार्टअप शुरू करने से झिझकते हैं। इसी की वजह से उत्तराखंड में पलायन का काफी चलन है। लेकिन ईश्वर सिंह चुनौतियों से बिना घबराए, यह फायदेमंद स्टार्टअप की शुरुआत करने में सफल रहे। फौजी ईश्वर सिंह द्वारा जीतनगर कस्बे में चप्पल बनाने की फैक्ट्री का निर्माण किया गया है। जिसका उद्घाटन क्षेत्र के विधायक चंदन राम दास ने किया। विधायक और स्थानीय संगठनों ने भी ईश्वर सिंह बजेटा के प्रयासों को खूब सराहा है। सभी का मानना है कि अगर आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को सच करना है और स्वरोजगार उत्पन्न करने के ज़रिये तलाशने हैं तो शहर, कस्बे और गांवों में लोकल फॉर वोकल कार्यक्रम को आगे बढ़ाना होगा। पूर्व फौजी ईश्वर सिंह ने स्टार्टअप के जरिए युवाओं को सकारात्मक संदेश दिया है।

फौजी ईश्वर सिंह ने कहा कि आजकल देशभर में लोकल फॉर वोकल कार्यक्रम चलन में है। इसके माध्यम से लोगों को आत्मनिर्भर बनाना होगा। पूर्व फौजी ईश्वर सिंह बजेटा मानते हैं कि कोरोना संक्रमण की वजह से कई लोग बेरोजगार हुए हैं। अपने प्रयासों से, ईश्वर सिंह महानगरों से घर लौटे लोगों को रोजगार देना चाहते हैं। फिलहाल उनकी फैक्ट्री की बदौलत अभी तक चार लोगों को रोजगार मिल चुका है। भविष्य में जैसे जैसे प्रोडक्शन बढ़ेगा तो वो और लोगों को भी कारोबार से जोड़ने का प्रयास करेंगे। क्षेत्र में चप्पलों का कारोबार शुरू करने वाले पूर्व फौजी ईश्वर सिंह बजेटा प्रवासी युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत बने हुए हैं।


Share Now