Uttarakhand में घर बैठे Hand made Soaps के बिजनेस से कमाए जा सकते हैं लाखों, ऐसे तैयार करें प्लान

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ज़रूरी नहीं कि बिज़नेस के लिए आपके पास कोई ऑफिस सेट अप हो, स्टाफ हो या फिर महंगी मशीनरी वगैरह हो, आप घर से ही ऐसा बिज़नेस मॉडल भी तैयार कर सकते हैं जिसके लाखों की कमाई हो सकती है। अगर आप घर पर अपना कोई नया बिजनेस शुरु करने की सोच रहे है तो आप हाथ से बने साबुन यानी Hand made Soaps बनाने का बिजनेस शुरु कर सकते हैं। आजकल मार्केट में बायोकॉस्मेटिक्स का ज्यादा प्रचलन है। इसीलिए बाज़ार में Handmade Soaps की भारी डिमांड है। क्योंकि लोग अब बिना कैमिकल से बने साबुन को इस्तेमाल करने को तरजीह दे रहे हैं। अगर आप इस बिजनेस को करने की हिम्मत और ताकत रखते हैं तो आप घर बैठे ही कम लागत में ज्य़ादा मुनाफा कमा सकते है।

साबुन एक ऐसी चीज है, जिसका हर प्रयोग हर व्यक्ति प्रतिदिन करता है, इसी लिहाज से बाज़ार तरह-तरह के साबुन से पटा पड़ा है। लेकिन handmade Soaps की अलग की पहचान और मांग होती है। इनकी कीमत भी अच्छी खासी होती है। यानी अगर आप बेरोज़गार हैं या फिर गृहणी हैं तो घर से ही आप इस बिज़नेस को शुरू कर कमाई का साधन तैयार कर सकते हैं।

Handmade Soaps बनाने के लिए सामग्री

  • सोप नूडल्स : सोप नूडल्स पाम आयल अथवा कोकोनट आयल का बना होता है। साबुन बनाने के लिए ये आवश्यक सामग्री है।
  • स्टोन पाउडर : यह भी आवश्यक सामग्री है। ये भी साबुन का अति आवश्यक तत्व है।
  • रंग : आवश्यकता के अनुसार। मुमकिन हो तो नैचुरल रंग का ही इस्तेमाल करें। कैमिकल से बचें।
  • परफ्यूम :जिस फ्लेवर का साबुन बनाया जा रहा है आप वो परफ्यूम इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि एसेंशियल आइल का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

साबुन बनाने के लिए मशीनरी (Bathing soap making machines)

साबुन बनाने की प्रक्रिया में तीन तरह मशीन का उपयोग किया जाता है। ये मशीने ज्यादा मंहगी नहीं हैं। इनको आसानी से बाजार से खरीदा जा सकता है। ये मशीने आपके बजट में ही उपलब्ध होंगी।

  • रॉ-मटेरियल मिक्सिंग मशीन
  • सोप प्रिंटिंग मशीन
  • मिलर मशीन

साबुन बनाने की प्रक्रिया (Making process of Bathing Soap)

साबुन बनाने की प्रक्रिया आसान ज़रूर है लेकिन फिर भी इसको बनाते समय आपको सयंम और सावधानी ज़रूर बरतनी होगी। साबुन को बनाने के लिए सबसे पहले करीब 50 किलोग्राम सोप नूडल्स को मिक्सर में डाल दें ताकि नूडल अच्छी तरह से मेल्ट हो सके। अब इसमें स्टोन पाउडर मिलाकर हिलाएं। ध्यान रहे कि स्टोन पाउडर नूडल्स की मात्रा के अनुसार ही मिलाएं। इसके बाद आवश्यकतानुसार रंग और परफ्यूम डालें या फिर एसेंशियल ऑइल डाल दें। यानी अगर गुलाब का साबुन बना रहे हैं, तो गुलाब का रंग और परफ्यूम डालें। ध्यान रहे कि 50 किलो में करीब आधा किलो रंग और परफ्यूम डालना चाहिए। अब स्टोन पाउडर और सोप नूडल्स को अच्छे से मिला लें और इसके मिश्रण को मिलर मशीन में डाल दें। इस दौरान लगभग आधा लीटर पानी का भी इस्तेमाल करें। इसके बाद करीब 15 मिनट के अंदर 50 किलो रॉ मैटेरियल की सहायता से करीब 100 ग्राम का 500 पीस साबुन बन कर तैयार हो जाता है। इसके बाद इस मिश्रण को अगली मशीन यानि सोप प्रिंटिंग मशीन में डालना होता है। जिसके बाद साबुन बन कर तैयार हो जाता है। ध्यान रहे कि आपको साबुन बनाने की विधि का पूर्णतया तकनीकि ज्ञान होना ज़रूरी है। इसके लिए आप खादी ग्रामोद्योग या फिर तकनीकि इंस्टीट्यूट से साबुन बनाने की विधि आप सीख सकते हैं।

साबुन की पैकेजिंग ( packaging of Bathing Soap)

किसी भी प्रोडेक्ट को मार्केट में बेचने के लिए सबसे पहले उसकी पैकेजिंग को खास बनाना जरूर हो जाता है। तभी आपका प्रोडेक्ट मार्केट में बिकने लायक बनता है। साबुन के बिजनेस से अच्छी कमाई करने के लिए भी आपको उसकी पैकेजिंग पर खासा ध्यान देना होगा। ध्यान रहे कि साबुन की पैकेजिंग के वक्त रॉ मटेरियल से बने साबुन को सोप प्रिंटिंग मशीन के सहारे अपने ब्रांड का नाम दिया जाता है।

साबुन के बिजनेस के लिए लाइसेंस (Business license)

इस बिजनेस के लिए लाइसेंस लेना जरुरी होता है। वो इसलिए कि कहीं आप किसी घातक कैमिकल का इस्तेमाल तो नहीं कर रहे। इसके लिए आप नगरपालिका के व्यापार विभाग से मिल सकते है। इसका लाइसेंस लेने से कंपनी की आईटी रिटर्न वगैरह में बहुत सहायता मिलती है।


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