उत्तराखंड में कम पैसों में बेस्ट Start-Up है Lemongrass की खेती, कमा सकते हैं बंपर मुनाफ़ा

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लोग कृषि के काम में हाथ डालने से डरते हैं। उन्हें डर सिर्फ इस बात का लगता है कि इतनी मेहनत कौन करेगा और अगर कर भी ली तो क्या वाकई कृषि के बिज़नेस में इतना मुनाफा है कि लाखों कमाए जा सकें? अगर आप भी ऐसा ही सोचते हैं तो अपनी सोच बदल लीजिए। क्योंकि खेती आज बिज़नेस के रूप में बहुत तेज़ी से उभरता हुआ विकल्प है। अगर आप भी किसी तरह का व्यवसाय करना चाहते हैं लेकिन पैसों के अभाव में नहीं कर पा रहे हैं तो आपके लिए कृषि से जुड़ा कोई काम फ़ायदेमंद हो सकता है। आज के वक्त में खेती से किया गया बिज़नेस करोड़ों का मुनाफ़ा देने में सक्षम है। यही वजह भी है कि पिछले कुछ वर्षों में भारत की बड़ी-बड़ी कंपनियां कृषि उत्पादों की तरफ आकर्षित हुई हैं। क्योंकि इसकी डिमांड पूरे विश्व में है। इस क्षेत्र में कम निवेश है और फ़ायदा कहीं ज्यादा। अगर आप भी कृषि से जुड़े बिज़नेस का लाभ लेना चाहते हैं आपके लिए लेमन ग्रास एक अच्छा विकल्प है।

Lemongrass है गुणकारी

देखा जाए तो Lemon grass कोई खास पौधा नहीं है ये सिर्फ एक साधारण सी दिखने वाली घास है। लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि लेमन ग्रास का मार्केट आज बहुत बड़ा हो चुका है। ये स्वास्थ्य के लिए जितनी लाभदायक है उतना ही बड़ा इसका बाज़ार भी है। यकीन मानिए लेमन ग्रास का का बाज़ार आज के समय में बहुत मुनाफ़े वाला है। लेमन ग्रास अथवा नींबू घास का महत्व उसकी सुगंधित पत्तियों के कारण है। पत्तियों से वाष्प आसवन के द्वारा तेल प्राप्त होता है। जिसका उपयोग कॉस्मेटिक्स, सौंदर्य प्रसाधन, साबुन, कीटनाशक एवं दवाओं में होता है। एंटी आक्सीडेंट का सबसे बेहतर सोर्स लेमनग्रास में विटामिन सी भारी मात्रा में होता है। दुनिया की एक बड़ी आबादी इसकी चाय यानी लेमन-टी पीने लगी है। लेकिन लेमनग्रास ऑयल (तेल) का सबसे ज्यादा इस्तेमाल परफ्यूम और कास्मेटिक उद्योग में होता है। लिहाज़ा मल्टीनेशनल कंपनीज़ लेमन ग्रास को खरीदने में ज़रा भी देर नहीं लगाती।

Lemongrass की बाज़ार में भारी डिमांड

बाज़ार में जैसे जैसे चाय या फिर कॉस्मेटिक की इंड्रस्ट्री बढ़ रही है उतनी ही तेजी से लेमनग्रास की भी मांग बढ़ी है। इसलिए बिज़नेस के लिहाज से lemon grass एक फायदे की खेती बनती जा रही है। किसानों की आमदनी बढ़ाने की कवायद में जुटी सरकार पूरे देश में एरोमा मिशन के तहत इसकी खेती को बढ़ावा भी दे रही है। भारत सालाना करीब 700 टन नींबू घास के तेल का उत्पादन करता है, जिसकी एक बड़ी मात्रा निर्यात की जाती है। भारत का लेमनग्रास तेल किट्रल की उच्च गुणवत्ता के चलते हमेशा मांग में रहता है। लेमनग्रास की खूबी ये है कि इसे सूखा प्रभावित इलाकों में भी लगाया जा सकता है। उत्तराखंड में कई ऐसे इलाके हैं जहां पानी की किल्लत है लेकिन आप इसके बावजूद लेमनग्रास की खेती कर मुनाफा कमा सकते हैं।

Lemongrass की खेती में बेहद मुनाफा

उत्तराखंड में भी लेमन ग्रास की खेती का प्रचलन काफी तेज़ी से बढ़ा है। पॉल्युशन फ्री और कैमिकल फ्री ज़मीन पर इसकी खेती और भी गुड़कारी प्रभाव से युक्त हो जाती है। लेमन ग्रास एक जड़युक्त पौधा या घास है। एक बार लगने के बाद यह अपने आप तेजी से बढ़ता है। सीमैप के गुणाभाग और शोध के मुताबिक एक हेक्टेयर लेमनग्रास की खेती में शुरु में 30000 से 40000 हजार की लागत आती है। एक बार फसल लगाने के बाद साल में 3 से 4 कटाई ली जा सकती हैं, जिससे करीब 100-150 किलो तेल निकलता है। इस तरह से एक लाख से एक लाख 60 हजार तक आमदनी हो सकती है, खर्चा निकालने के बाद एक हेक्टेयर में किसान को प्रतिवर्ष 70 हजार से एक लाख 20 हजार तक का शुद्ध मुनाफा हो सकता है।




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