Uttarakhand में मोती की खेती कर आशिया ने किया कमाल, लाखों का हो गया बिज़नेस

264
Share Now

देश का युवा आजकल नई सोच रखता है, उसे नए प्रयोग पंसद आते हैं। कभी कोई स्टार्ट-अप होता है, तो कभी नए तरह की खेती का बिज़नेस। उत्तराखंड में भी इसी तरह की नई खेती करने की सोच सामने आई है। वो है मोती की खेती यानी Pearl Farming. मोती की खेती असल में कम लागत में ज्यादा मुनाफे का सौदा है। इसे बहुत ही कम लोग जानते हैं। उत्तराखंड के देहरादून में रहने वाली आशिया ने इस मुश्किल और नई सोच को ना सिर्फ आज़माया बल्कि इसे बिज़नेस के तौर पर बढ़ा भी लिया। आशिया अपने घर पर रहकर ही मोती की खेती करती हैं और इससे होने वाली कमाई अगर आप जानेंगे तो हैरान रह जाएंगे। आशिया इसी मोती की खेती से 4 से 5 लाख रूपए सालाना कमा रही हैं। यही नहीं आशिया का बिज़नेस लगातार बढ़ता जा रहा है। अगर आप भी उत्तराखंड में मोती की खेती यानी Pearl Farming करना चाहते हैं तो ये जानकारी आपके बहुत काम आने वाली है।

कैसे करें Uttarakhand में Pearl Farming की शुरुआत

मोती की खेती दरअसल दूसरी खेती से थोड़ी अलग है। लेकिन मोती भी आम फसलों की ही तरह प्राकृतिक रूप से तैयारी किया जाता है। मोती की खेती करना ज्यादा मुश्किल काम नहीं है। इसे शुरुआती तौर पर छोटे स्तर से भी शुरू किया जा सकता है। इसके लिए ज़रूरी तौर पर आपको महज 500 वर्गफीट का कृत्रिम तालाब तैयार करना होगा। तालाब में आप महज़ 100 सीप पालकर मोतियों का उत्‍पादन शुरू कर सकते हैं। बाज़ार में ये सीप आसानी से उपलब्ध होते हैं। प्रत्‍येक सीप की कीमत 15 से 25 रुपए तक की ही होती है जो बाज़ार में मिल जाती हैं। यानी 15 से 25 हज़ार तो सीपियों के लिए, स्‍ट्रक्‍चर सेट-अप के लिए 10 से 12 हजार रुपए, वाटर ट्रीटमेंट के लिए 1000 रुपए और 1000 रुपए के आपको इंस्‍ट्रयूमेंट्स खरीदने होंगे। यानी कुल 60 से 70 हज़ार के खर्चे में आपका मोतियों का बिज़नेस सेट हो जाएगा।

Pearl farming / मोती की खेती से कितनी होगी कमाई

मोती की खेती में थोड़ा संयम आपको रखना ही होगा। खेती शुरू करने के 20 महीने बाद एक सीप से एक मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है। अगर आपके पास इंटरनेशनल मार्केट है तो बेहतर क्‍वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत 10 हजार रुपए तक आंकी जाती है। इस तरह एक मोती की कीमत को अगर औसतन तौर पर आंके तो 800 रुपए तक एक मोती बिकने को तैयार होता है। यानी 20 महीने में 100 सीपी से 80,000 रुपए तक कमा सकते हैं। सीप की संख्‍या को आप धीरे धीरे बढ़ाकर ज्यादा कमाई के दरवाजे खोल सकते हैं। मसलन अगर आप 2-3 हज़ार सीप पालते हैं तो इस पर खर्च करीब 2 से 3 लाख रुपए आएगा। इस हिसाब से आप 15 से 20 महीने की फसल पर हर महीने लाख पए तक की कमाई कर सकते हैं। इसमें एक शर्त पर ध्यान देना ज़रूरी होता है कि आपके मोती की क्वालिटी टॉप क्लास होगी तभी आपको बाज़ार इतनी कीमत देगा।

Pearl Farming / मोती की खेती के लिए कहां से मिलेगा बीज

मोती की खेती के लिए आपको तकनीकि ज्ञान का होना लाज़िमी है। अगर आप मोती की खेती के लिए इंटरेस्टेड हैं तो कुशल वैज्ञानिकों से प्रशिक्षण की आवश्‍यकता होती है। ये प्रशिक्षण भारत सरकार द्वारा कराया जाता है। ट्रेनिंग लेने के बाद आपको सरकारी संस्‍थानों या मछुआरों से सीप खरीदने होंगे। बीज लेने के बाद इन सीपों को खुले पानी में दो दिन के लिए छोड़ा जाता है। वो इस लिए क्योंकि ऐसा करने से उनके ऊपर का कवच और मांसपेशियां ढीली हो जाती हैं। सीपों को ज्‍यादा देर तक पानी से बाहर नहीं रखना चाहिए। मांशपेशियां ढीली होने के बाद सीपों की सर्जरी कर उनकी सतह पर 2 से 3 एमएम का छेद करके उसमें रेत का एक छोटा कण डाला जाता है। यह रेत का कण जब सीप को चुभता है तो वह उस पर अपने अंदर से निकलने वाला पदार्थ छोड़ना शुरू कर देता है।  सीपों को नायलॉन के बैग में रखकर (एक बैग में 2 से 3) तालाब में बांस या पीवीसी के पाईप के सहारे छोड़ दिया जाता है। 15 से 20 महीने बाद सीप में मोती तैयार हो जाता है आप उसका कवच तोड़कर मोती निकाल सकते हैं।

कहां से लें मोती की खेती / Pearl Farming की ट्रेनिंग

इंडियन काउंसिल फॉर एग्रीकल्‍चर रिसर्च के तहत एक नए विंग सीफा यानि सेंट्रल इंस्‍टीट्यूट ऑफ फ्रेश वॉटर एक्‍वाकल्‍चर मोती की ट्रेनिंग निशुल्‍क कराती है। इसका सेंटर भुवनेश्‍वर में मौजूद है। इसके लिए आपको 15 दिनों की ट्रेनिंग करनी होती है। जिसमें सीपी की सर्जरी से लेकर मोती निकालने तक का प्रशिक्षण दिया जाता है। मोती की खेती पहले समुद्र तटीय क्षेत्रों में की जाती थी लेकिन सीफा के प्रयोगों के बाद अन्‍य राज्‍य भी इसके लिए मुफीद हैं। लिहाज़ा Uttarakhand में भी अब Pearl Farming यानी मोती की खेती करना ज्यादा मुश्किल काम नहीं है।

Uttarakhand में Pearl Farming के लिए कहां से लें Loan

 मोती की खेती की अगर आपने ट्रेनिंग ले रखी है। तो इसे बड़े स्‍तर पर शुरू करने के लिए आप लोन भी ले सकते हैं। इसके लिए नाबार्ड और अन्‍य कमर्शियल बैंक आपको 15 सालों के लिए बहुत ही कम इंटरेस्‍ट पर लोन उपलब्‍ध कराते हैं। केंद्र सरकार की ओर से इस पर सब्सिडी की योजनाएं भी समय-समय पर चलाई जाती हैं। यदि आप इसमें कामयाब हो जाते हैं तो अपने बिजनेस को बढ़ाकर कंपनी भी बना सकते हैं और कमाई करोड़ों में कर सकते हैं। यानी आप उत्तराखंड से मोती की खेती की शुरुआत कर आप इंटरनेश्नल स्तर पर अपना बिज़नेस खड़ा कर सकते हैं।


Share Now