जानें होम स्टे स्कीम के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया, 30 दिन में सरकार देगी आपके होमस्टे को मंज़ूरी

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उत्तराखंड में सरकार की होमस्टे योजना काफी सफल हो रही है। पर्यटन व्यवसाय से जुडऩे वाले स्थानीय लोगों के लिए उत्तराखण्ड सरकार की उत्तराखण्ड गृह आवास योजना (होम स्टे योजना) वरदान साबित हो रही है। उत्तराखंड सरकार की ये योजना ऐसी है जो गांव में ना सिर्फ पलायन की समस्या से निजात दिलाने में मददगार साबित हो रही है साथ ही रोज़गार के साधन भी उपलब्ध करा रही है। अगर आप भी सरकार की इस योजना को अपनाना चाहते हैं तो उसके लिए होम स्टे के पंजीकरण की प्रक्रिया एवं शर्तें, प्लानिंग, नियम, व निवेश (Registration Process of Home Stay Scheme, Rules, Process, Investment & Planning) को जानना ज़रूरी है।

होम स्टे योजना में पंजीकरण हेतु प्रक्रिया (Registration Process of Home Stay Scheme)

अगर आप अपने घर को होम स्टे योजना के तहत होम स्टे बनाना चाहते हैं तो उसके लिए उत्तराखंड सरकार ने कुछ नियम व शर्तें लागू की हैं। उसके पंजीकरण यानी रजिस्ट्रेशन के लिए कुछ ज़रूरी बातों पर अमल करना ज़रूरी है। नीचे दिए गए दिशा-निर्देशों को जानकर आप भी अपने घर को उत्तराखंड सरकार की होम स्टे योजना के तहत सुविधाएं हासिल कर सकते हैं।

1- उत्तराखंड सरकार की होम स्टे योजना में रजिस्ट्रेशन के लिए सबसे पहले घर के मालिक को अपने के लिए कमरों को को निर्धारित करने के बाद 500 रूपये पंजीकरण का शुल्क अपने जिले के क्षेत्रीय या फिर जिला पर्यटन विकास अधिकारी के कार्यालय में जमा करना होगा।

2- होम स्टे योजना के लिए ये प्राथमिक शुल्क मुख्य कार्यकारी अधिकारी, उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद देहरादून, के नाम बैंक ड्राफ्ट के रूप में देना होगा।

3- इस योजना के तहत ऐसी आवासीय ईकाईयों को रजिस्टर्ड किया जायेगा जिसमें भवन स्वामी खुद निवास करता हो।

4- होम स्टे मे करीब छह कमरों की व्यवस्था करनी होगी जिसमें प्रत्येक कमरें में दो बैड या फिर एक कमरें में चार बैड से ज्यादा बैड न हो, इन्ही मापदंडो पर होमस्टे को स्वीकृति दी जायेगी।

5- विभाग द्वारा शौचालय, जल, विद्युत एवं आवश्यक उपकरणों के आधार पर कुल 27 मानकों को तय करने के आधार पर आवास गृह को गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज कैटेगरी में बांटा जायेगा। इसकी लिस्ट आपको इन्हीं नीचे दिये गये फोटों के आधार पर आवेदक तय कर सकता है। यानी अगर आप जितनी ज्यादा सुविधाएं मुहैय्या कराएंगे सरकार आपको उतनी ही बड़ी कैटेगरी में डालेगी।

6- आवास गृह या होम स्टे को हमेशा साफ सुथरा व अग्निशमन सुरक्षा उपकरणों से लैस करना होगा ताकि भविष्य में किसी भी तरह की जान-माल का नुकसान ना हो और उससे निपटने की तैयारी पूरी हो।

7- होम स्टे की पार्किंग के लिए शहरी क्षेत्रों के मानक जिला विकास प्रधिकरण के द्वारा निर्धारित नक्शा स्वीकृत आधार पर देनी होगी जबकि ग्रामीण क्षेत्र य फिर जिन इलाकों में प्रधिकरण का दायरा नही है उन इलाकों में आवास गृह के मालिक या आवेदक की इच्छा पर पार्किंग निर्धारित होगी। यानी पार्किंग की जगह का होना भी अनिवार्य होगा।

8- होम स्टे योजना में शौचालय की सफाई तथा जैविक अजैविक कूड़ा का निस्तारण भवन स्वामी को खुद करना होगा। स्वच्छता को लेकर सरकारी के इस नियम का कड़ाई से पालन करना होगा।

9- सरकार द्वारा पर्यटन अधिकारी के नेतृत्व वाली समिति होम स्टे का निरीक्षण करेगी और यदि कोई कमी होगी तो उसके निराकरण के लिए पत्र देगी। अगर समिति द्वारा दिये गये निर्देशों पर कमियों को दूर नही किया जायेगा तो आवेदन को निरस्त कर दिया जायेगा। यानी होम स्टे योजना की सभी शर्तों पर खरा अगर नहीं उतरे तो आपका रजिस्ट्रेशन रद्द भी किया जा सकता है।

10 – अच्छी बात रहेगी जिसमें आवेदक को 30 दिन के भीतर क्षेत्रिय या जिला पर्यटन विकास अधिकारी से पंजीकरण या फिर निरस्तीकरण की पूर्ण रिपोर्ट भेजी जायेगी। साथ ही सरकार की नियमावली में समय समय पर परिर्वतन के आधार पर भवन स्वामी को परिवर्तन करना होगा। यानी तीस दिन में उत्तराखंड सरकार होम स्टे योजना के तहत आपके सपनों को साकार कर सकती है।


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