पौड़ी की बहु दहेज में लाई पलायन से लड़ने का हौसला, आज लाखों कमाकर शान से चलाती है घर

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जीवन में मुश्किलें तो हर किसी के आती हैं लेकिन उन मुश्किल हालातों में भी जो लोग अपनी मंज़िल की तरफ बिना रुके बिना थके बढ़ते रहते हैं, सफलता उनके कदम ज़रूर चूमती है। ठीक ऐसी ही कहानी है उत्तराखण्ड के पौड़ी जिले की बहु सोनी की। चमोली के जोशीमठ विकासखंड के रिंगी गांव की रहने वाली सोनी बिष्ट की शादी पौड़ी में हुई। शादी के सिर्फ एक महीने बाद ही सोनी ने मशरूम की खेती करना शुरू कर दिया।ये मु्श्किल चुनौती थी। लेकिन सोनी ने इसका डटकर सामना किया।

सोनी के माता पिताजी गांव में ही रहकर खेतीबाड़ी का काम करते हैं। सोनी पहले उन्हीं के साथ हाथ बटाती थी। सोनी ने शादी से पहले अपने घर में और शादी के बाद ससुराल में पलायन की पीड़ा को करीब से देखा और समझा। लिहाजा जब शादी के बाद वो अपने ससुराल आई तो वो साथ में दहेज़ का भारी भरकम सामान नहीं बल्कि पलायन से लड़ने का हौसला साथ लाई।

Photo: www.jagran.com

सोनी ने बाद सोनी ने बड़ा कदम उठाते हुए गांव में ही रहकर पलायन को रोकने के लिए कुछ करने की सोची। और गांव में ही मशरूम की खेती करना शुरू कर दिया, और आज उनकी मशरूम की खेती ने पूरी तरह रफ्तार पकड़ ली है जिससे वो हर महीने 15 से 20 हजार रुपए कमा लेती हैं। सोनी ने यह प्रेणा उत्तराखंड की ब्रांड एम्बेस्टर रही मशरूम गर्ल दिव्या रावत से प्रेरित होकर अपने गांव में मशरूम की खेती शुरू की। सोनी की सफलता के पीछे उनके ससुरालवालों का भी अहम योगदान रहा है। ससुरालवालों की मदद से शादी के एक सिर्फ महीने बाद ही सोनी ने मशरूम की खेती करना शुरूकर दिया था, सोनी कहती हैं “कि हमें गांव में रह कर ही रोजगार के अवसर तलाशने चाहिए। उत्तराखंड में पर्यटन और खेती में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं, बस मेहनत से काम करने वाला चाहिए। ” इसके अलावा भी रोजगार के कई माध्यम हैं। महिलाएं स्वरोजगारसे अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकती हैं। आज सोनी करीब 5 हजार कीमत की 20 किलो मशरूम की बिक्री कर रही हैं यानी महीने के डेढ़ लाख रुपए तक सोनी मशरूम से कमा रही हैं। सोनी बताती है कि उसका लक्ष्य शहर को मशरूम सिटी बनाना है। 

Photo: www.jagran.com

पौड़ी की बहु सोनी बिष्ट M.A. इंग्लिश से करने के बाद बीएड भी कर रही हैं। सोनी अब तब पूरे ब्लाक में सोनी करीब 100 से ज्यादा महिलाओं को मशरूम की खेती के लिए ट्रेंड कर चुकी हैं। खास बात ये है कि पौड़ी वही जिला है जहाँ पूरे उत्तराखंड में सबसे ज्यादा पलायन हुआ है। ऐसे में सोनी का ये हौसले भरा कदम सराहनीय कदम है।जहां एक ओर उत्तराखण्ड में लगातार पलायन को रोकने में प्रदेश की सरकारें विफल रही है । वहीँ पहाड़ की मेहनती बेटियां स्वरोजगार के जरिए सफलता की नई इबादतें गढ़ रही हैं , जिस तरह हर बड़े सफर की शुरुआत छोटे कदम से होती है। इसी तरह पौड़ी की सोनी ने महज 25 साल की उम्र मे प्रदेशवासियों के लिए मिसाल कायम की है। सोनी की इस पहल को हमारा सलाम।


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