उत्तराखंड के गांव से शुरू करें ये 6 बिजनेस, कमाएं लाखों का मुनाफा

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उत्तराखंड में पलायन की समस्या पर बातचीत तो बहुत होती है लेकिन उसके समाधान पर ज़ोर नहीं दिया जाता। पलायन की समस्या का सीधा समाधान गांव की जड़ों से जुड़ा हैं। क्योंकि पलायन गांव की जड़ों को ही खोखला कर रहा है लिहाजा गांव से ही इस समस्या का समाधान निकालना होगा। यानी उत्तराखंड के गांव में ऐसे रोज़गारों को बढ़ाना होगा जिसके सफल होने के रास्ते आसान हों। लेकिन जब हम गांव और व्यापार को एक साथ रखते हैं तो सवाल उठता है कि अगर गांव में बिजनेस सफल हो जाते तो लोग गांव छोड़कर शहर की तरफ जाते ही क्यों? पलायन की समस्या को लेकर ऐसी बातों को समर्थन मिल सकता था लेकिन बदलते दौर में गांव में बिजनेस करना घाटे का सौदा नहीं रह गया है। अब आप आधुनिक माध्यम की मदद से गांव में ही अपने बिजनेस को जमा सकते हैं और उससे मुनाफा भी कमा सकते हैं। हम आपको उत्तराखंड के गांव में कर सकने वाले कुछ ऐसे बिजनेस आइडिया के बारे में बताएंगे जिसे शुरु करके ना सिर्फ अपने लोगों के बीच रह सकते हैं बल्कि पलायन की समस्या का खात्मा कर आप अच्छी कमाई भी कर सकते हैं।

फूलों की खेती में तगड़ा मुनाफा

उत्तराखंड की धरती पर फूल बेतहाशा होते हैं।आपके  गांव में आपको फूलों का व्यापार आपको अच्छा मुनाफा दे सकता है। फूलों की कुछ गिनी-चुनी वैराइटी होती है जिसे लोग बुके या फिर सजावट के लिए खरीदते हैं लिहाजा फूलों का बाज़ार आज के वक्त में बड़ा बाज़ार बन चुका है। इन वेराइटी के बारे में पता करके आप उन इलाकों के बारे में पता कर लीजिए जहां ये इन फूलों की खेती होती है। फिर एक बजट बना कर किसानों से मिलिए और उनसे फूल खरीदिए। अपनी शॉप शहर में ऐसी जगह खोलें जहां आपके लिए कंपटीशन कम हो और बाजार बड़ा हो। फूलों के व्‍यापार को शुरु करने के लिए न्‍यूनतम 15,000 से 20,000 रुपए की आवश्‍यकता होती है। वैसे आजकल बाजार में फैंसी फूलों की भारी डिमांड है। आप चाहें तो यह व्‍यापार बड़े पैमाने पर भी कर सकते हैं। एक साधारण स्‍थान से यह व्‍यापार अधिकतम 20,000 रुपए तक में शुरु किया जा सकता है।इस व्‍यापार में लाभ बहुत ही जल्‍दी प्राप्‍त होता है। आप फूल मंडी से थोक के भाव में फूल खरीद कर उससे बुके, माला आदि बना कर बेचें, तो आप को दुगना-तिगुना लाभ होता है। यदि आप खुदरे फूल पर 1000 रुपए खर्च करते हैं तो आपको उन फूलों से माला आदि बना कर बेचने पर 2500 से 3000 तक का लाभ प्राप्‍त होता है। अत: आपका व्‍यापार जितना अधिक चलेगा उतना अधिक मुनाफा आपको प्राप्‍त होगा।

उत्तराखंडी फ्रूट्स का मार्केट में जलवा

उत्तराखंड में उगने वाले फ्रूट्स यानी फल का बाज़ार बहुत बड़ा है। आड़ू, खुवानी, आलूबुखारा यानी प्लम, माल्टा, हिसालू, किल्मोड़ा, बुरांस, सेब इन सबकी खेती कर आप सालाना बहुत फायदा कमा सकते हैं। हालांकि उत्तराखंड में फलों की खेती सबसे मुश्किल काम है क्योंकि बंदरों और लंगूरों का आतंक गांव गांव तक बहुत है। हालांकि अगर आप इस समस्या से अपनी फलों की खेती को निजात दिला देते हैं तो यकीन मानिए आपको मालामाल होते देर नहीं लगेगी। इन फ्रूट्स की बाजार में भारी डिमांड है। क्योंकि उत्तराखंड में ही लोग इन फलों से जैम, जैली, स्क्वॉश, जूस आदि का कारोबार करते हैं। लिहाजा आपके फल हाथों हाथ बिकने के लिए तैयार रहेंगे।

हर्ब्स का अंतरराष्ट्रीय कारोबार

उत्तराखंड वन संपदा में सबसे खास स्थान रखता है। हिमालय की तलहटी में मिलने वाली जड़ी बूटियों का बाजार विदेशों तक है। आप अपने गांव में इन हर्ब्स को उगाकर आप अच्छा बिजनेस कर सकते हैं। इन हर्ब्स में थाइम, रोज़मैरी, पार्सली, ओरेगैनो, तुलसी, कैमोमाइल, बुरांस के फूल, लैमनग्रास, सहजर जैसी हर्ब्स उगाकर अपने व्यवसाय को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ले जा सकते हैं। इसके लिए आपको इन हर्ब्स के फायदे और मार्केट दोनों के बारे में थोड़ा शोध करना होगा। क्योंकि अगर एक बार आपको इसके फायदे, दाम और बाजार का पता चल जाएगा तो आप उसी दिशा में अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाएंगे। एक बार इसका काम जम जाएगा तो यकीन मानिए आप पीछे मुडकर नहीं देखेंगे।

एलोवेरा की खेती में अच्छी कमाई

केले की खेती के इतर आप अपने गांव में एलोवेरा की खेती भी शुरु कर सकते हैं। उत्तराखंड की पॉल्यूशन और कैमिकल फ्री ज़मीन पर अगर आप एलोवेरा की खेती करते हैं तो इसके अच्छे दाम आपको मिल सकते हैं। एलोवेरा एक तरह का पौधा है जिसकी पत्तियों में खास तरह का द्रव रहता है जिसके तमाम फायदे हैं। एलोवेरा का रस त्वचा के लिए बहुत उपयोगी होता है इसीलिए तमाम बड़ी कंपनियां एलोवेरा के रस से जेल बनाकर बाजार में बेचती हैं। तो इस लिहाज से एलोवेरा का मार्केट बहुत बड़ा है सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में भी एलोवेरा के जेल की खासी डिमांड है, एलोवेरा की खेती के लिए आपको शुरुआत में 50 हजार से 1 लाख रुपए तक का निवेश करना होगा एलोवेरा की के पौधे एक बार लगाए जाने के बाद 3-5 साल कर के लिए खेत में रहते हैं। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के मुताबिक एलोवेरा की खेती के लिए एक हेक्टेयर में प्लांटेशन का खर्च करीब 30 हजार रुपए तक आता है और मजदूरी 30-40 हजार रुपए यानि कि 60-70 हजार रुपए के शुरुआती निवेश में आप एलोवेरा की खेती कर सकते हैं। एक बार एलोवेरा की फसल हो जाने के बाद आपको बाजार में इसकी अच्छी कीमत मिल सकती है। एक किलो एलोवेरा की कीमत 8-9 रुपए पड़ती है। एक बीघे में इसके 2500 पौधे लगते हैं इस तरह है आप आराम से एक बीघे खेत से 40 हजार रुपए प्रति छमाही कमा सकते हैं।

केले का बिज़नेस देगा मुनाफा

उत्तराखंड के गांव में खेती के जरिए अच्छी कमाई की जा सकती है लेकिन इसे अपने ज़हन में बिठाना ज़रूरी होगा। अभी भारत में ज्यादातर किसान पारंपरिक खेती करते हैं जैसे धान, गेहूं, दालें और गन्ने की खेती। लेकिन अब इससे आगे बढ़कर आप अपने गांव में कुछ नया कर सकते हैं। अगर आप अपने गांव में केले की खेती करते हैं तो इसके बहुत फायदे हैं। इसमें एक डेढ़ बीघे में केले की फसल का उत्पादन आपको 3 लाख रुपए तक का मुनाफा दे सकता है। केले की खेती में शुरुआती निवेश करीब 60 हजार रुपए का हो सकता है और इसके एक पौधे से आपको 250 रुपए तक का लाभ मिलता है। डेढ़ बीघे में करीब 1200 केले के पौधे लग जाएंगे जिससे आपकी कमाई 3 लाख रुपए तक हो सकती है। अब आप इसमें से लागत की रकम 60 हजार रुपए निकाल दें और रख-रखाव और कीटनाशक छिड़काव की रकम को 40 हजार रुपए तक निकाल दें तो आपका कुल लाभ 2 लाख रुपए का बनता है जो कि बहुत अच्छा है। यानी अपने गांव में केले की खेती कर आप इस बिजनेस से अच्छी कमाई कर सकते हैं।

पपीते की खेती के फायदे

आजकल खेती एक बिजनेस का रूप ले चुका है। अगर आप अपने गांव में ही खेती करने का मन बना लें तो आप लाखों कमाने से पीछे नहीं हटेंगे। केले और एलोवेरा की खेती की ही तरह अगर आप गांव में 2 बीघे के खेत में पपीते की खेती करते हैं तो इससे भी आप अच्छी खासी कमाई कर सकते हैं। खास बात ये है कि आपको पपीते की किस्मों का चुनाव करके ही उनकी खेती करनी होगी। भारतीय कृषि अनुसंधान केंद्र पूसा ने जो पांच किस्मे पपीते की बताई हैं उसमें पूसा डिलेसियस, पूसा मेजेस्टी, पूसा जायंट, पूसा नन्हा और पूसा ड्वार्फ शामिल हैं। खेते की लिए पूसा ड्वार्फ को सबसे अच्छा माना जाता है। ये 4 सेंटीमीटर की लंबाई से भी पपीते का उत्पादन शुरु कर देते हैं। साथ ही इसके पौधे पर सघन पपीतों के गुच्छे लगे होते हैं। एक अनुमान के मुताबिक एक एकड़ खेत में 18 से 20 लाख रुपए तक की आय हो जाती है। इसके लिए आप पूसा केंद्र से पूरी जानकारी ले सकते हैं।


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