उत्तराखंड में गाय के गोबर और गोमूत्र से बने प्रोडक्ट का करें बिज़नेस, सरकार करेगी मदद

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इन दिनों नैचुरल प्रोडक्ट्स पर खासा ज़ोर दिया जा रहा है। उनमें भी गाय और उसके बाय प्रोडक्ट के इस्तेमाल पर जोर दिया जा रहा है। इन प्रोडक्ट्स की बाज़ार में जितनी डिमांड है उतनी ही इससे कमाई भी है। खास बात ये है कि केंद्र सरकार ने इस मुहिम को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी संभाल ली है। दरअसल अब केंद्र सरकार की तरफ से गाय के गोबर और गोमूत्र से नए प्रोडक्ट बनाने का कारोबार शुरू करने पर सरकारी फंड हासिल किया जा सकेगा। यानी अगर आप गाय के गोबर और गौमूत्र से किसी भी तरह का प्रोडक्ट डेबलेप करते हैं तो आपके इस बिज़नेस को बढ़ाने के लिए सरकार आपकी पूरी मदद करेगी।

गौमूत्र और गाय के गोबर का औषधीय और कृषि कार्यों में इस्तेमाल

दरअसल पिछले साल फरवरी में मोदी सरकार ने 500 करोड़ रुपए की लागत से कामधेनु आयोग की शुरुआत की थी। इस योजना को एक साल पूरा हो चुका है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस योजना से कई लोग जुड़े हैं जिन्होंने इसका भरपूर फायदा भी उठाया है। आपको जानकर खुशी होगी कि डेयरी के साथ-साथ गाय के गोबर और गोमूत्र से बने उत्पाद बनाने वाले स्टार्टअप के लिए लोग शुरुआती निवेश की 60 फीसदी सरकारी फंडिंग मिलेगी। काउ बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक युवाओं को गाय और उसके बाय प्रोडक्ट आधारित उद्योग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा और उनसे गाय का इस्तेमाल दूध और घी के लिए ही नहीं, बल्कि गौमूत्र और गाय के गोबर के औषधीय और कृषि कार्यों में इस्तेमाल पर जोर दिया जाएगा। यानी अगर आपका ज़रा भी मन बन रहा है कि आप गाय के गोबर और गौमूत्र से किसी तरह का प्रोडक्ट बनाकर बिज़नेस करना चाह रहे हैं तो आप हिचकिचाइए नहीं। सरकारी योजना में खुद को रजिस्टर करवाकर अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाइए।

Pic Credit : http://sudarshannews.in

500 करोड़ रुपए के शुरुआती निवेश से बना कामधेनु आयोग

नरेंद्र मोदी सरकार इस तरह के बिज़नेस करने वालों को काफी प्रमोट कर रही है। इस योजना का उद्देश्य इस तरह के नए बिजनस को रफ्तार देना है। सरकार की नीति है कि गाय के बाय प्रॉडक्ट्स के औषधीय इस्तेमाल पर होने वाले रिसर्च को वो पूरी तरह से प्रोत्साहित करेंगे। बोर्ड ऐसे बाय प्रॉडक्ट्स के लिए स्कॉलर्स और रिसर्चर्स को अपना प्रोजेक्ट दिखाने के लिए एक मंच भी देगा।

गोबर और गौमूत्र से क्या क्या प्रोडक्ट्स बन सकते हैं?

गाय के गोबर से प्राकृतिक कीटनाशक- उर्वरक और गोबर गैस के उत्पादन के अलावा गोबर की ईंट, घर में इस्तेमाल होने वाले मैट तथा एयर प्यूरीफायर बनाए जा सकते हैं।इसके अलावा गोमूत्र से फेशियल और अन्य सौंदर्य उत्पाद जैसे साबुन और फेसवॉश जैसे उत्पादों पर भी रिसर्च हो चुकी है। यानी अगर आपके पास भी है गाय के गोबर और गौमूत्र के बायप्रोडक्ट्स का प्लान तो हो जाइए तैयार


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