उत्तराखंड में मात्र 20 हजार में शुरू करें ऐसा बिजनेस, जिससे हो सकती करोड़ों की कमाई!

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देहरादून: राज्य में पलायन को लेकर काफी हंगामा होता है। खुद पलायन करने वाले पलायन की वकालत करते हैं। उसे गलत ठहराते हैं। आंकड़े भले ही डरातें हो लेकिन वक्त कुछ हद तक बदला है। युवाओं ने शहर की नौकरी पहाड़ के लिए छोड़ी है। उन्होंने स्टार्टअप खोले हैं जो लोगों को रोजागर और शिक्षा देंगी। ये काम पलायन की बीमारी की सबसे बड़ी दवाई हैं। हम आपकों स्टार्टअप से जुड़ी जानकारी दे रहे हैं। आज हम आपकों 20 ऐसे काम बताने जा रहे हैं, जो आप घर बैठे कर सकते हैं और अच्छी कमाई कर सकते हैं। इसके लिए आपको स्टार्टअप की जानकारी जुटानी होगी और 20 हजार तक का खर्चा करना होगा। लोगों के पास आइडिया को काफी होते हैं लेकिन उसे धरातल में लाने के लिए इवेंस्ट भी करना होता है जहां उन्हें दिक्कत होती है। इसी लिए कम रुपए की लागत वाला व्यापार आप कर सकते हैं।

अचार का बिज़नेस (Pickles)

अचार भारत के लगभग हर घर में बनता है। यह देश का पारंपरिक खाद्य पदार्थ है। स्वाद के लिए लोग इसे काफी पसंद करते हैं। आचार बनाने का काम आप घर से ही कर सकते हैं। कई ग्रामीण क्षेत्रों के लोग इससे कमाई कर रहे हैं। इस स्टार्टअप शुरू करने का खर्चा भी कम है और विदेशों में इसकी काफी मांग है। अचार बिजनेस एक सुरक्षित और आसान विकल्प है।

अगरबत्ती का व्यवसाय

भारत में अगरबत्ती का बाजार काफी बड़ा है। हर घर में इसका इस्तेमाल होता है। त्योहारों में इसकी मांग और बढ़ जाती है। अगरबत्ती के छोटे पैमाने पर निर्माण के लिए बाजार से चंदन, चमेली, गुलाब, चंपा आदि सुगंध वाले बांस की छड़ें और आवश्यक तेल खरीदना होता है। छड़ें तेल के साथ लेपित होती हैं, और सूखी होती हैं। अब तो मंदिर में चढ़ावे में इस्तेमाल हुए फूलों का इस्तेमाल अगरबत्ती बनाने में होता है। विदेशों में मेडीटेशन के दौरान लोग इसका इस्तेमाल करते हैं। इस काम को छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है।

मोमबत्तियों की भारी डिमांड

भारत में मोमबत्तियां हर वक्त डिमांड में रहती है। कई ग्रामीणों में इसका काम बड़े स्तर पर होता रहा है इसलिए यह एक बेहद लोकप्रिय बिजनेस के रूप में देखा जाता है। इस काम के लिए उपयोग किए जाने वाले कच्चे माल में मोम, बाती, सांचे, धागा, सुगंध तेल आदि शामिल हैं।  प्रमुख कच्चे माल के अलावा, आपको कुछ मोमबत्ती बनाने के उपकरण भी चाहिए। इसमें एक पिघलाने वाला बर्तन, थर्मामीटर, मोम इकट्ठा करने वाला बर्तन, वेटिंग स्केल, हथौड़ा और एक ओवन (मोम पिघलाने के लिए) शामिल हैं। मोमबत्तियों का इस्तेमाल पारंपरिक कार्यक्रम व धार्मिक और सजावट के लिए पुराने वक्त से होता आया है। त्योहारों के दौरान इसकी मांग बढ़ जाती है। इसके अलावा, इन दिनों कई रेस्तरां, घरों और होटलों में आर्कषण के लिए इनका इस्तेमाल होता है। मोमबत्ती बनाने के व्यवसाय को घर से लगभग 20,000-30,000 रुपये के कम निवेश के साथ शुरू किया जा सकता है।

बटन भी कमाई का स्रोत

बटन हर गारमेंट में उपयोग होने वाली वस्तु है। इस इंडस्ट्री में बटन उपयोग होने वाली सबसे ज्यादा अहम है। इसको लेकर बाजार में बड़ी संभावनाएं हैं। प्लास्टिक से लेकर कपड़े और स्टील के बटन तक, इस स्पेस में कई कैटेगरीज हैं, जिन्हें आप अपनी पसंद के अनुसार चुन सकते हैं।

जूते के फीते का बिज़नेस

भारत दुनिया में फुटवियर उत्पादन में दूसरे नंबर का देश है। पहले स्थान पर चीन है। देश द्वारा निर्मित जूतों को स्पोर्ट्स, फॉर्मल, कैजुअल और अन्य जैसी कैटेगरीज में अलग-अलग है। जूतों के फीते काफीड डिमांड में रहते हैं और यह बनाना खुद एक स्टार्टअप की श्रेणी में आता है। जूते का फीता बैंड को खास कला से बनाया जाता है। जिसमें बुनाई और एगलेट (फीते के किनारे पर लगाने की धातु की नोक) द्वारा निर्मित किया जाता है। यह आमतौर पर कपास, पॉलिएस्टर, नायलॉन, पॉलीप्रोपाइलीन, आदि से निर्मित होता है और एगलेट प्लास्टिक का होता है। इनके अलावा जूता फीता ब्रेडिंग मशीनों की भी आवश्यकता होती है। वो प्रति मिनट कई मीटर फीता बुन सकती हैं, जिसके बाद एसीटोन का उपयोग बुने हुए बैंड को गूंथने के लिए किया जा सकता है। इस व्यापार को आप 25,000 रुपये के छोटे निवेश के साथ शुरू कर सकते हैं।

कॉटन बड्स से इनकम

कॉटन बड्स का बाजार भारत में तेजी से फैल रहा है। भारत की आबादी काफी है। देश में स्वच्छता अभियान को लेकर लोग जागरुक हो रहे हैं तो कॉटन बड्स का इस्तेमाल बढ़ गया है। इसके छोटे निर्माताओं को धुरी / छड़ी (spindle/stick), शोषक सामग्री (कपास), और प्रोडक्ट के पैकेजिंग की आवश्यकता होती है। जिसके बाद कच्चा माल ऑटोमैटिक कॉटन बड-मेकिंग मशीनों द्वारा हो जाता है। मशीन से ही पैकिंग होती है। इस बिजनेस को 20,000 रुपये के निवेश के साथ शुरू किया जा सकता है।


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