विलेज टूरिज़्म को नई पहचान देता Mountain Village Stay, दो युवकों का शानदार स्टार्ट अप

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दुनिया में ज़ितने भी टूरिस्ट प्लेस हैं वहां तेजी से शहरीकरण को बढ़ावा मिल रहा है। ये इतने कमर्शियलाइज़्ड हो चुके हैं जहां अब लोग भी जाने से कतराने लगे हैं। वैसे भी आज का यूथ नए तरह का मिजाज़ रखता है। उसे शांति पसंद हैं, गांव का माहौल पसंद है और वो अकेले में कुछ दिन बिताना चाहता है जहां ना शोर-शराबा हो, ना ही भीड़-भड़ाका। वो गांव की ज़िन्दगी को आत्मसात करना चाहता है जिसके लिए वो शहरों की बजाए गांवों का रुख करता है। यही वजह है कि शहरों से आने वाले पर्यटक ग्रामीण जीवनशैली की तरफ ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं। इसी को अपनी सोच का आधार बनाकर उत्तराखंड में दो लड़कों ने ऐसा स्टार्ट शुरु किया जिसने खूब सुर्खियां बटोर ली हैं। जी हां, जनपद उत्तरकाशी के हर्सिल धराली गांव में पर्यटन के क्षेत्र में इन दो युवाओं ने अनूठी पहल की शुरुआत की।

उत्तराखंड के ये दो युवा वीरान और खंडहर होते घरों को संवारकर पहाड़ से पलायन रोकने की मुहिम में जुटे हैं। इन युवाओं ने सबसे पहले ‘माउंटेन विलेज स्टे’ नाम से एक संस्था गठित की जो विलेज टूरिज़्म पर शानदार काम कर रही है। माउंटेन विलेज स्टे के प्रोजेक्ट के तहत उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में एक पुराने घर को उसके मूल स्वरूप में ही संवारकर सबसे पहले वहीं एक प्रीमियम विलेज स्टे शुरू किया। यही नहीं 1991 में भूकंप का दंश झेलने वाले जामक गांव में कुछ पुराने घरों को भी होम स्टे के लिए तैयार किया गया है। 

गौरतलब है कि पर्यटन के क्षेत्र में उत्तराखंड के जनपद उत्तरकाशी का बड़ा महत्वपूर्ण स्थान है, यमुनोत्री, गंगोत्री जैसे विश्व प्रसिद्ध धामों के साथ हरकीदून, हर्सिल नाचिकेता ताल, दयारा बुग्याल,ढोडीताल जैसी जगहों पर साल पर पर्यटक आते रहे हैं। ये जगहें अपने रमणीक स्थल अपने अलौकिक प्राकृतिक सुन्दरता के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं। लिहाज़ा इन्हीं सुदूर इलाकों में कई गांवों को चिन्हित किया गया है जहां इस तरह के प्रोजक्ट्स को बढ़ाया जाएगा। माउंटेन विलेज स्टे ने नई पहल करते हुए ग्रामीण पर्यटन में कुछ बेहतर ढांचागत सुविधाओं को स्थापित करते हुए साथ समाज की साझेदारी को पृष्ठभूमि में रखकर प्रीमियम विलेज स्टे “धराली हाइट्स” की शुरुआत की। जिसको लोगों ने काफी पसंद किया। लिहाज़ा गांव की शैली और स्थापत्य कला से बने आवासीय भवन को आधुनिक सुख सुविधा से तैयार कर प्रीमियम विलेज स्टे की तर्ज पर टूरिज़्म का ये शानदार माडल बन गया।

”धराली हाइट्स एक पायलेट प्रोजेक्ट है जिसके बाद उत्तरकाशी जिले के यमुना घाटी और दूसरे ज़िले में इस को आगे बढ़ाने की योजना पर काम जारी है।हम उत्तराखण्ड में ग्रामीण पर्यटन की संभावनाओं पर पिछले कई सालों से काम कर रहे हैं, जिसके लिये उत्तराखण्ड में 200 नये डेस्टिनेशंस को चिन्हित किया है । हमारी टीम ने भारत के कई राज्यों का भ्रमण करके होमस्टे के माडल्स का अध्ययन किया। प्रीमियम विलेज स्टे आधुनिक सुख-सुविधाओं से लैस होमस्टे का इसका पहला मॉडल है। इसके अलावा वे दो और मॉडल्स पर काम रहे हैं, जिनमे से दूसरा मॉडल जल्द ही सबके सामने होगा।” – विनय के. डी, निदेशक, माउंटेन विलेज स्टे

माउंटेन विलेज स्टे का उद्देश्य है बिना सरकारी सहायता के दिसंबर 2020 तक सामुदायिक पर्यटन बढ़ाने के लिए चार प्रीमियम विलेज स्टे और 15 होम स्टे शुरू करना। इनमें पर्यटकों को गांव में ही आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यानी ऐसे टूरिस्ट्स पर फोकस किया गया है जो गांवों में आकर अपना वक्त गुज़ारना चाहते हैं। जहां पर वो सारी सुख सुविधाएं मौजूद होंगी, जो एक स्थापित पर्यटक स्थान पर मौजूद होती हैं।

”उत्तराखंड के पहाड़ी ज़िलों से स्थानीय लोगों का लगातार पलायन जारी है और शानदार स्थापत्य कला और शैली से बने मकान वीरान होते जा रहे हैं ऐसे में पर्यटन का ये विचार ग्रामीणों के लिये बेहतर रोजगार का मॉडल हो सकता है। जहां गांव के दूसरे लोग भी इस तरह का स्वरोजगार पाकर अपने गांव को पर्यटन के नक्शे पर ला सकते हैं और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के मौके भी बन सकते हैं।” – अखिलेश डिमरी, टीम मेंबर, माउंटेन विलेज स्टे

ज़ाहिर है अपनी संस्कृति को जीवित रखने के लिये आवश्यक है कि लोग गावों से जुड़े रहें, इसके लिए गावों को जीवित रखना ज़रूरी है। रोजगार हेतु पलायन की अंधी दौड़ के इस दौर में माउंटेन विलेज स्टे का ये प्रयास युवाओं को अपने ही घर-गांव में रोजगार के अवसर खड़े करने का अवसर प्रदान करेगा जिससे गांव आबाद रहेंगे। माउंटेन विलेज स्टे का ये मिशन वाकई सराहनीय है।



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