‘आत्मनिर्भर’ बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार ने लॉन्‍च की योजना, ऐसे उठाइए फायदा

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'आत्मनिर्भर' बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार ने लॉन्‍च की नई स्‍कीम, ऐसे उठाइए फायदा

कोरोना संक्रमण के चलते लॉकडाउन में फंसे लाखों प्रवासी धीरे-धीरे करके ही सही, प्रदेश में अपने-अपने घर को लौट रहे हैं। लेकिन उनके सामने चुनौती ये है कि वो आखिर यहां आकर करेंगे क्या? कैसे अपना जीवन यापन करेंगे? लिहाज़ा उत्तराखंड सरकार ने लॉकडाउन में वापस पहुंचे प्रवासियों और उत्तराखंड में रह रहे युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना (Chief Minister Self-Employment Scheme) की शुरुआत की है। इस योजना के तहत युवाओं को पशुपालन और दुग्ध उत्पादन के व्यवसाय के माध्यम से जोड़ा जाएगा।

गौरतलब है कि लॉकडाउन के चलते करीब 5 लाख प्रवासियों के उत्तराखंड में आने की उम्मीद है।लिहाज़ा त्रिवेन्द्र रावत सरकार ने ऐसे लोगों के लिए ”मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना” की शुरुआत की है। इस योजना की खास बात ये है कि युवाओं को राज्य में ही रोजगार और स्वरोजगार मिल सकेगा। इसके लिए राज्य सरकार डेयरी व्यवसाय पर ज्यादा ज़ोर दे रही है।

क्या है मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना?

इस योजना के तहत राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना तथा गाय गंगा महिला डेयरी योजना के अंतर्गत 3 व 5 दुधारू पशुओं को खरीदने के लिए 25 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। यही नहीं, शहरी क्षेत्रों में आंचल मिल्क बूथ भी स्थापित किए जाएंगे, जिसमें 20% की छूट पर लोन भी उपलब्ध करवाया जायेगा ताकि लोग शहरी क्षेत्रों में बूथ स्थापित कर सकें। इस सरकारी योजना का लाभ दुग्ध सहकारी समिति सदस्यों को सीधे तौर पर प्रदान किया जाएगा। योजना की खास बात ये है कि वो व्यक्ति जो वर्तमान में दुग्ध सहकारी समिति का सदस्य नहीं है, लेकिन सदस्य बनने के इच्छुक है उन्हें भी इस मुख्यमंत्री स्वरोज़गार योजना के अंतर्गत लाभान्वित किया जाएगा। योजना अंतर्गत खरीदे जाने वाले दुधारू पशु राज्य से बाहर क्रय किए जा सकेंगे ताकि प्रदेश में पशु धन की वृद्धि हो सके। इस योजना का लाभ उठाकर आप अपनी आर्थिकी को मज़बूत बना सकते हैं और आत्मनिर्भर बनने के प्रयास में आप अपनी भागीदारी भी निभा सकते हैं।

मुख्यमंत्री स्वरोज़गार के लिए ऐसे करें आवेदन

मुख्यमंत्री स्वरोज़गार योजना के तहत 3000 दुग्ध उत्पादकों को कुल 10 हजार दुधारू पशु उपलब्ध कराए जाने की योजना है।प्रदेश में 500 आंचल मिल्क बूथ भी स्थापित किए जाएंगे। अगर आप आत्मनिर्भर बनने के इच्छुक हैं और इस योजना के तहत रजिस्टर करवाना चाहते हैं तो इसके लिए सरकार ने 1 जून से 15 जून तक आवेदन प्राप्त करने की तिथि रखी है। इस आवेदन को आप प्रबंधक व प्रधान प्रबंधक दुग्ध संघ कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता और जमा भी वहीं किया जाएगा। इस योजना को लागू करने के पीछे त्रिवेन्द्र सरकार की मंशा ये है कि राज्य में वापस लौटे प्रवासी दोबारा बाहर ना जाएं और पलायन पर रोक लग सके। राज्य सरकार की योजना है कि राज्य दुग्ध क्षेत्र में आत्मनिर्भर बने। और आपके प्रयास को संभव बनाने के साथ ही दूसरे प्रदेशों में भी उत्तराखंड से दूध का निर्यात किया जा सके।


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