स्टार्टअप हब बनने की ओर उत्तराखण्ड,103 छात्रों के बीच होगी खिताब की जंग

16
Share Now

देहरादून: राज्य में स्टार्टअप की सोच पैदा होने लग गई है। इसी को देखते हुए राज्य सरकार उत्तराखंड के उच्च शिक्षा प्राप्त युवाओं के लिए उभरते युवा उद्यमी बनने का मौका दे रही है। आने वालीलेने वाले हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज (यूपीईएस) में आयोजित होने वाले फिनाले में टॉप-10 स्टार्टअप को 50-50 हजार रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। 

ग्रैंड फिनाले के लिए दून समेत प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालय और कॉलेजों के छात्र-छात्राओं के बीच जंग होने वाली है। फिनाले में देश के विख्यात आइआइटी रुड़की और आइआइएम काशीपुर के छात्रों भी मौजूद रहेंगे। यह दूसरा साल है जब प्रदेश उद्योग निदेशालय की ओर से उत्तराखंड स्टार्टअप यात्रा का आयोजन हो रहा है। इसके पहला चरण में ‘उत्तराखंड स्टार्टअप बूट कैंप प्रदेश के 13 जिलों में 15 केंद्रों पर आयोजित किए गए, जिसमें 103 स्टार्टअप फिनाले के लिए चुने गए हैं। 

सरकार उत्तराखंड के युवाओं की रचनात्मकता को न केवल देश-प्रदेश स्तर पर ख्याति देगी, बल्कि भविष्य में एक सफल उद्यमी बनाने में मदद भी करेगी। सरकार प्रदेश में इंजीनियरिंग के छात्रों के लिए स्टार्टअप इकोसिस्टम तैयार कर रही है। सरकार चाहती है कि उच्च शिक्षा प्राप्त युवा नवाचारी विचारों को लेकर एक मंच पर आएं, जिनके बीच प्रतियोगिताएं होंगी और अंत में प्रदेश के दस सर्वोच्च नवाचारी विचारों को सम्मानित किया जाएगा। 

ग्राफिक एरा डीम्ड विवि, पीएचडी चैंबर्स ऑफ कॉमर्स, आइआइटी रुड़की और यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज (यूपीईएस) के विशेषज्ञों ने स्टार्टअप बूट कैंप परीक्षा ली थी। 

उद्योग विभाग के उपनिदेशक का कहना है कि 10 सर्वश्रेष्ठ स्टार्टअप को ‘आइडिया ग्रेंड चैलेंज’ फाइनल में नकद पुरस्कार से नवाजा जाएगा। यूपीईएस में फिनाले का फाइनल 23-24 फरवरी को रखा गया है। जिसमें टॉप-10 आइडिया के हर विजेता को 50-50 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।  पहले स्टार्टअप फिनाले में 10 भावी युवा उद्यमी छात्रों को बेहतरीन नवाचार के लिए उत्तराखंड स्टार्टअप यात्रा के लिए चयनित किया गया था। दस विजेता छात्रों में पांच यूनिसर्विटी ऑफ पेट्रोलियम एंड इनर्जी स्टडीज (यूपीईएस) और दो-दो छात्र ग्राफिक एरा विवि और तुलाज इंस्टीट्यूट व एक आम्रपाली कॉलेज हल्द्वानी से थे। 


Share Now